ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे
वासुदेवाय धीमहि।
तन्नः कृष्णः प्रचोदयात्॥
(एक अन्य प्रचलित रूप)
ॐ गोपीजनवल्लभाय विद्महे
वसुदेवाय धीमहि।
तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्॥
कृष्ण गायत्री मंत्र भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली मंत्र है। यह मंत्र प्रेम, करुणा, बुद्धि और आध्यात्मिक जागरूकता प्रदान करता है।
भगवान श्रीकृष्ण, भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं और धर्म, ज्ञान तथा भक्ति के प्रतीक हैं। यह मंत्र विशेष रूप से कृष्ण की दिव्य ऊर्जा को जागृत करने के लिए जपा जाता है।
गायत्री छंद में रचित यह मंत्र मन को शुद्ध करता है और जीवन में सही मार्गदर्शन देता है।
प्रेम और संबंधों में मधुरता
मानसिक शांति और संतुलन
बुद्धि और निर्णय क्षमता में वृद्धि
आध्यात्मिक उन्नति
नकारात्मक विचारों से मुक्ति
जीवन में आनंद और सकारात्मक ऊर्जा
प्रातःकाल या संध्या समय जप करें
गुरुवार या एकादशी विशेष शुभ
पीले या सफेद आसन पर बैठें
108 बार (1 माला) जप श्रेष्ठ
श्रीकृष्ण की प्रतिमा या चित्र के सामने जप करना शुभ
कृष्ण गायत्री मंत्र का नियमित जप साधक को प्रेम, शांति और आध्यात्मिक जागरूकता प्रदान करता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ जप करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव होते हैं।
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