Surya Gayatri Mantra

Surya Gayatri Mantra

ॐ आदित्याय विद्महे
दिवाकराय धीमहि।
तन्नः सूर्यः प्रचोदयात्॥

(एक अन्य प्रचलित रूप)
ॐ भास्कराय विद्महे
महाद्युतिकराय धीमहि।
तन्नो आदित्यः प्रचोदयात्॥

मंत्र का विवरण


सूर्य गायत्री मंत्र भगवान सूर्य की दिव्य ऊर्जा को जागृत करने वाला अत्यंत प्रभावशाली मंत्र है। सूर्य देव को जीवन, प्रकाश, ऊर्जा और आत्मबल का स्रोत माना जाता है।

हिंदू परंपरा में सूर्य को नवग्रहों का राजा माना गया है। उनका मंत्र जपने से स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और जीवन में स्पष्टता प्राप्त होती है।

यह मंत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर हो।

आध्यात्मिक एवं ज्योतिषीय लाभ


स्वास्थ्य और ऊर्जा में वृद्धि

आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता

सरकारी कार्यों में सफलता

करियर और प्रतिष्ठा में उन्नति

नेत्र और हृदय स्वास्थ्य में लाभ

सूर्य ग्रह दोष की शांति

जप विधि


सूर्योदय के समय जप करना सर्वोत्तम

पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें

तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करें

108 बार (1 माला) जप श्रेष्ठ

लाल आसन का प्रयोग शुभ

निष्कर्ष


सूर्य गायत्री मंत्र का नियमित जप साधक को स्वास्थ्य, आत्मबल और जीवन में सफलता प्रदान करता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक जप करने से सकारात्मक ऊर्जा और स्पष्टता प्राप्त होती है।

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