ॐ कात्यायनाय विद्महे
कन्याकुमारि धीमहि।
तन्नो दुर्गिः प्रचोदयात्॥
(एक अन्य प्रचलित रूप)
ॐ गिरिजायै विद्महे
शिवप्रियायै धीमहि।
तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥
दुर्गा गायत्री मंत्र माँ दुर्गा की दिव्य शक्ति को जागृत करने वाला अत्यंत प्रभावशाली मंत्र है। यह मंत्र साधक को साहस, सुरक्षा और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा प्रदान करता है।
माँ दुर्गा को शक्ति का सर्वोच्च स्वरूप माना जाता है। वे अधर्म और अन्याय का नाश कर धर्म की स्थापना करती हैं। यह मंत्र विशेष रूप से दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए जपा जाता है।
गायत्री छंद में रचित यह मंत्र मन और बुद्धि को शुद्ध कर जीवन में सही दिशा प्रदान करता है।
भय और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा
आत्मबल और साहस में वृद्धि
शत्रु बाधा से रक्षा
मानसिक स्थिरता और शांति
जीवन में सफलता और सकारात्मक ऊर्जा
प्रातःकाल या संध्या समय जप करें
नवरात्रि में विशेष फलदायी
लाल आसन पर बैठकर जप करें
108 बार (1 माला) जप करना श्रेष्ठ
माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने जप शुभ
दुर्गा गायत्री मंत्र श्रद्धा और नियमपूर्वक जप करने से साधक को दिव्य संरक्षण, साहस और शक्ति प्रदान करता है। नियमित जप से जीवन की बाधाएँ दूर होकर सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।
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