1. सूर्य मंत्र
ॐ सूर्याय नमः॥
2. चंद्र मंत्र
ॐ चंद्राय नमः॥
3. मंगल मंत्र
ॐ मंगलाय नमः॥
4. बुध मंत्र
ॐ बुधाय नमः॥
5. गुरु मंत्र
ॐ गुरवे नमः॥
6. शुक्र मंत्र
ॐ शुक्राय नमः॥
7. शनि मंत्र
ॐ शनैश्चराय नमः॥
8. राहु मंत्र
ॐ राहवे नमः॥
9. केतु मंत्र
ॐ केतवे नमः॥
नवग्रह मंत्र नौ ग्रहों की शांति और संतुलन के लिए जपे जाने वाले पवित्र मंत्र हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जीवन में आने वाली अनेक समस्याएँ ग्रहों के असंतुलन के कारण उत्पन्न होती हैं। इन मंत्रों का जप करने से कुंडली के दोष कम होते हैं और सकारात्मक प्रभाव बढ़ता है।
नवग्रहों में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु शामिल हैं। इन सभी ग्रहों का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव माना जाता है।
आध्यात्मिक लाभ
ग्रह दोष शांति
मानसिक संतुलन
कार्यों में सफलता
स्वास्थ्य और समृद्धि
जीवन में सकारात्मक ऊर्जा
नियमित जप से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता और प्रगति आती है।
प्रातःकाल स्नान के बाद जप करें
108 बार संबंधित ग्रह मंत्र का जप
सप्ताह के संबंधित दिन जप करना विशेष फलदायी
शांत स्थान में पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें
श्रद्धा और नियमितता आवश्यक
नवग्रह मंत्र जीवन में ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। श्रद्धा और नियमित जप से कुंडली दोषों में शांति और जीवन में संतुलन प्राप्त होता है।
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