मूल मंत्र
उग्रं वीरं महाविष्णुं
ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्।
नृसिंहं भीषणं भद्रं
मृत्युमृत्युँ नमाम्यहम्॥
बीज मंत्र
ॐ क्ष्रौं नमो भगवते नृसिंहाय॥
नरसिंह भगवान भगवान विष्णु का चौथा अवतार माने जाते हैं, जिन्होंने धर्म की रक्षा और भक्त प्रह्लाद की सुरक्षा के लिए प्रकट होकर असुर हिरण्यकश्यप का वध किया।
नरसिंह मंत्र अत्यंत शक्तिशाली रक्षा मंत्र माना जाता है, जो भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा प्रदान करता है। यह मंत्र विशेष रूप से नरसिंह स्वरूप की कृपा प्राप्त करने के लिए जपा जाता है।
आध्यात्मिक एवं ज्योतिषीय लाभ
अचानक आने वाले संकट से रक्षा
शत्रु एवं बाधाओं का नाश
भय और मानसिक तनाव में कमी
आत्मबल और साहस में वृद्धि
ग्रह दोष एवं नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति
घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार
प्रातःकाल या संध्या समय जप शुभ
मंगलवार या शनिवार विशेष फलदायी
पीले या लाल आसन पर बैठें
108 बार (1 माला) जप करें
भगवान विष्णु या लक्ष्मी नरसिंह की प्रतिमा के सामने जप श्रेष्ठ
नरसिंह मंत्र अत्यंत प्रभावशाली सुरक्षा मंत्र है। श्रद्धा और नियमपूर्वक जप करने से जीवन में भय, बाधा और नकारात्मकता दूर होती है तथा दिव्य संरक्षण प्राप्त होता है।
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